बस एवं ऑटो का किराया बढ़ने से विद्यार्थियों की बढ़ीं मुश्किलें, NSUI छात्र नेता दुर्गेश जायसवाल ने जताया विरोध
महंगाई की मार झेल रहे स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को राहत देने के लिए निःशुल्क बस सेवा शुरू करने की मांग
कवर्धा 23/10/2026// बस एवं ऑटो के किराए में बढ़ोतरी से स्कूली बच्चों और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच परिवहन का खर्च विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। इस समस्या को लेकर NSUI के छात्र नेता दुर्गेश जायसवाल ने विरोध जताते हुए राज्य की भाजपा सरकार एवं शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।दुर्गेश जायसवाल ने कहा कि आज के समय में शिक्षा प्राप्त करना हर विद्यार्थी का अधिकार है, लेकिन लगातार राज्य की भाजपा सरकार युवाओं की भविष्य से खिलवाड़ कर रही है आज बढ़ते खर्चों के कारण विद्यार्थियों के लिए स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों एवं दूर-दराज से पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन बस और ऑटो से आवागमन करना पड़ता है। किराए में बढ़ोतरी होने से उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कई परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतिदिन आने-जाने का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है।उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय जनता और युवाओं से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब विद्यार्थियों की बुनियादी समस्याओं को दूर करने की बात आती है, तो सरकार की ओर से ठोस पहल दिखाई नहीं देती। सरकार अपने कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार और काफिलों पर लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन क्या उसी सरकार के लिए विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराना संभव नहीं है?दुर्गेश जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं, उनकी शिक्षा और सुविधाओं को सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए। शिक्षा केवल स्कूल और कॉलेज में प्रवेश दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। यदि आवागमन का खर्च लगातार बढ़ता रहेगा, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।उन्होंने भाजपा सरकार एवं शिक्षा विभाग से सवाल करते हुए कहा कि आखिर विद्यार्थियों की इन समस्याओं का समाधान कब किया जाएगा? क्या सरकार इस बात का इंतजार कर रही है कि आर्थिक परेशानियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो? सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने चाहिए।NSUI ने की ये प्रमुख मांगेंNSUI छात्र नेता दुर्गेश जायसवाल ने राज्य सरकार से मांग की कि—* स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस सेवा शुरू की जाए।* विद्यार्थियों को बस एवं ऑटो के बढ़ते किराए से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।* ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।* विद्यार्थियों के लिए रियायती किराए एवं छात्र पास की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।* शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की परिवहन संबंधी समस्याओं का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करे।अंत में दुर्गेश जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को यह समझना होगा कि शिक्षा पर खर्च होने वाला पैसा देश के भविष्य में निवेश है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवागमन और आर्थिक राहत उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। NSUI छात्र-छात्राओं के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा विद्यार्थियों को राहत दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।“शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा, जब हर विद्यार्थी बिना आर्थिक परेशानी के स्कूल और कॉलेज तक पहुंच सके।