कवर्धा न्यूज़ -चार डिब्बा व्यवस्था अपनाने और कचरे के पृथ : स्वच्छ कबीरधाम के लिए 15 जुलाई से लागू होंगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने 'वेस्ट टू वेल्थ'
Chief Editor-Digvendra Kumar Gupta / Sun, Jul 5, 2026 / Post views : 70
स्वच्छ कबीरधाम के लिए 15 जुलाई से लागू होंगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने 'वेस्ट टू वेल्थ' अभियान से जुड़ने की अपील की
चार डिब्बा व्यवस्था अपनाने और कचरे के पृथक्करण पर दिया जोर
कवर्धा, 05 जुलाई 2026। जिले में स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और "स्वच्छ छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने जिलेवासियों से 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 (एस डब्ल्यू एम रूल्स) का पूर्ण रूप से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ कबीरधाम के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
स्वच्छ कबीरधाम के लिए जनसहभागिता की अपील
कलेक्टर श्री वर्मा ने बताया कि 15 जुलाई से जिले के सभी घरों, दुकानों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का पृथक्करण अनिवार्य होगा। प्रत्येक परिवार को चार प्रकार के कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बों की व्यवस्था करनी होगी। इसमें हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल चिन्हित डिब्बे में सेनेटरी कचरा तथा काले डिब्बे में हानिकारक कचरा रखा जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्वच्छता दीदियों को घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान पृथक-पृथक कचरा ही सौंपें और "मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी" का संकल्प अपनाएं।
जिले में "वेस्ट टू वेल्थ" मॉडल को दिया जा रहा बढ़ावा
कलेक्टर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने खुले में कचरा फेंकने, नालियों में कचरा डालने अथवा कचरे में आग लगाने पर ग्राम पंचायत द्वारा 500 रुपये से 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में "वेस्ट टू वेल्थ" मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत गीले कचरे से जैविक खाद एवं गोबर गैस का उत्पादन कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा, जबकि सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं बिक्री से महिला स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि होगी। जिले में गोबर गैस प्लांट मॉडल का भी विस्तार किया जाएगा।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप कबीरधाम प्रदेश का सबसे स्वच्छ जिला बने। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि सभी लोग मिलकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का पालन करेंगे, तो 2 अक्टूबर 2026 तक कबीरधाम को 'ओडीएफ प्लस जिला' घोषित किया जा सकता है।
लगातार चल रहा जनजागरूकता अभियान
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले की 60 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संबंधी नारा लेखन एवं वॉल पेंटिंग का कार्य पूरा हो चुका है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में 15 जुलाई से पहले सभी घरों में चार डिब्बा व्यवस्था तथा शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने बताया कि जिला पंचायत सीईओ के निर्देशानुसार विभागीय अमले एवं स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा चौपाल, पंचायत बैठकों तथा घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से लोगों को गीले, सूखे, सेनेटरी एवं हानिकारक कचरे के पृथक्करण तथा सुरक्षित निपटान के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार सभी ग्रामों में मुनादी एवं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। घर-घर चार डिब्बों के वितरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा 15 जुलाई से स्वच्छता दीदियों द्वारा नियमित जांच, कचरा संग्रहण एवं नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना वसूली की कार्रवाई भी प्रारंभ की जाएगी। जिला प्रशासन ने मीडिया, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से इस स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने और स्वच्छ कबीरधाम के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।
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