पंडरिया दुल्लापुर बाज़ार-हरेली पर्व पर कस्तूरबा विद्यालय : हरेली पर्व पर कस्तूरबा विद्यालय में हरियाली का संदेश, 'एक बालिका–एक पौधा' अभियान की शुरुआत दुल्लापुर बाजार। छत्तीसगढ़ के
Chief Editor-Digvendra Kumar Gupta / Wed, Aug 12, 2026 / Post views : 145
हरेली पर्व पर कस्तूरबा विद्यालय में हरियाली का संदेश, 'एक बालिका–एक पौधा' अभियान की शुरुआत
दुल्लापुर बाजार 12/08/2026// छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली के अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, दुल्लापुर बाजार में पारंपरिक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक परंपराओं को समर्पित विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्साह, उल्लास और हरियाली के संदेश से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ हरेली पर्व की पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ किया गया। विद्यालय की अधीक्षिका श्रीमती कामिनी जोशी ने समस्त छात्राओं एवं स्टाफ को हरेली पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, कृषि और पर्यावरण के प्रति हमारी आस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय में "एक बालिका–एक पौधा" अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के प्रथम चरण में छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा विद्यालय परिसर में लगभग 30 पौधों का सामूहिक पौधारोपण किया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि आगामी दिनों में प्रत्येक छात्रा अपने नाम से एक-एक पौधा लगाएगी तथा उसके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति प्रेम की भावना विकसित करना है।
हरेली पर्व को सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान करते हुए छात्राओं ने छत्तीसगढ़ का मानचित्र बनाकर उसके माध्यम से हरियाली, कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं का आकर्षक एवं सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस रचनात्मक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया तथा छात्राओं की प्रतिभा और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके लगाव को दर्शाया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने हरेली से जुड़े पारंपरिक खेलों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। विशेष रूप से गेड़ी चलाने की गतिविधि सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक गेड़ी का आनंद लिया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्राप्त किया।
समापन अवसर पर सभी छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया कि वे पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करेंगी तथा अपने आसपास के लोगों को भी हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगी। विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम हरेली पर्व की सांस्कृतिक गरिमा, पर्यावरण संरक्षण के संदेश और छात्राओं की सक्रिय सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
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